Thursday, 15 November 2018

हम वर्ष दो बर्ष

हम वर्ष   दो  वर्ष  की  मोहब्बत  में ही
एक अनोखे से अहसास को  पा गये
हम बिछड़ते समय खूब रोये जहाँ
फूल देखो उसी डाल  पर  आ गये
हम गलत मानकर छोड  आये  जिन्हे
वक़्त  को सवालों  का हल मिल  गया




  

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