Monday, 1 July 2024

 हम  अचानक अलग हो गये एक दिन

इक अधूरी कहानी को बल मिल गया 
हम मिले न किसी और से जिस तरह
अपने  मिलने  के  वैसे  ही  संजोग  हैं 
एक   होने  की  धुन   में  उलझते गये
ये  भी  सोचा न हम दो अलग लोग हैं 
प्यार  को  हमने  ख़ुद में न पगने दिया
प्यार को फिर हमारा बदल मिल गया
आँसुओं   का  यहाँ   छूटना  आँख  से
इक  व्यवस्था  है   कोई न अलगाव है 
एक  मीठे  से   झरने  का  पानी हैं हम
जिसमें  झरना ही  सबसे बड़ा भाव है
हमने   ही  आग  आगे  रखी  प्यास से 
जिसको जलना था उसको ही जल मिल 
हम बरस दो बरस की मोहब्बत में ही,
इक अनोखे से एहसास को पा गए।
हम बिछड़ते समय खूब रोये जहाँ
फूल देखो उसी डाल पर आ गए
हम गलत मानकर छोड़ आये जिन्हें 
वक़्त को उन सवालों का हल मिल गया