Saturday, 11 April 2020

एक और नई

एक और नई कहानी दुनिया हम दोनों में  ढूँढेगी ,
हम इस जीवन में भी अपना प्यार सफल न कर पाये
धूप  तुम्हरी रूप की कैसे दो आखो में भर पाते
कैसे अम्बर  के प्रश्नो का धरती पर  उत्तर  पाते

हम तो  शापित प्रेमी हम तो न कोई अधिकार मगर
जादूगर भी इस दुनिया को तुम जैसी न कर पाते
तुम्हे अमरता स्वर्ग की थी  और हमे धरा पर मरना था
यू  फिर अपने सपनो का फिर संसार अमर न कर पाते

आशू अपने  सपनो का जब शीशमहल  न हो पाये
तुम इतने प्यारे थे तुमसे पूरी दुनिया सरल हुई
हम इतने मुश्किल थे जो तुमसे भी न हल हो पाये
किस्मत ने हम दोनों को हर युग में ही  मिलवाया है
हम अपना मिलना लेकिंन  हर बार सफल न कर पाये

मन के राजकुँवर को आखिर प्रेम नगर में रहना था
प्रेमनगर भी ऐसा जिसके सब चौराहे सुने थे
प्यार के मरते किस्सों में बस इतना ही  होते देखा
कुछ जीत सफल न हो  पायी कुछ हार सफल न हो पायी
हम इस जीवन में भी अपना प्यार सफल न कर पाये



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